पावन तीर्थ

बोधगया (महाबोधि मंदिर)

बौद्ध तीर्थस्थल

बिहार, भारततत्व: पृथ्वी/प्रकाश24.6960, 84.9913
बोधगया (महाबोधि मंदिर) — पावन तीर्थ

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बोधगया बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र स्थल है — वही स्थान जहाँ सिद्धार्थ गौतम ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया और बुद्ध बने। यूनेस्को विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर अपनी लगभग 50 मीटर ऊँची शिखर-रचना के साथ मूल वृक्ष के एक प्रत्यक्ष वंशज के समीप खड़ा है और सम्राट अशोक द्वारा प्रतिष्ठित वज्रासन, अर्थात् 'हीरक सिंहासन', का चिह्न धारण करता है। यह बुद्ध के जीवन से जुड़े चार महान तीर्थस्थलों में प्रमुख है और समूचे एशिया से तीर्थयात्रियों तथा ध्यान-साधकों को आकर्षित करता है। यह स्थान ऐसी शांति विकीर्ण करता है जो ध्यान और जागरण की गहन अवस्थाओं को पोषित करती है।

ऊर्जा विशेषताएँ

  • बौद्ध धर्म की जन्मभूमि — बुद्ध के ज्ञानप्राप्ति का स्थल
  • बोधि वृक्ष — मूल वृक्ष का वंशज
  • महाबोधि मंदिर — यूनेस्को विश्व धरोहर
  • वज्रासन — अशोक का 'हीरक सिंहासन'
  • बौद्धों के चार पवित्र स्थलों में प्रमुख
  • तीर्थयात्रियों और ध्यान-साधकों का गंतव्य
  • शांति और जागरण का वातावरण

विशेष तिथियाँ

  • वैसाक (वेसाक)

    तिथि हर साल बदलती है

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